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Tuesday, August 16, 2011

अन्ना के प्रति


जंग छिड़ी हक और बातिल की  दिल की आंखें खोल।
जय अन्ना अन्ना बोल।
दुश्मन है बड़ा सयाना
बुनता झूठ का ताना बाना
कर ले लाख मगर चतुराई
जनता अब मांगे भरपाई
किया है बहुत ही गोलमगोल  मगर अब खुलेगी सबकी पोल।
जय अन्ना अन्ना बोल।
देश की माटी मांगे न्याय
जनता को समझे हो गाय
किया है खूब ही खूब फरेब
बस अपनी भरते रहे हो जेब
चल अब गठरी अपनी खोल  बहुत ही कर ली आंख मिचोल।
जय अन्ना अन्ना बोल।
कर लो चाहे जितना खेल
भर लो चाहे जितना जेल
गिरोगे घुटनों के बल भाई
ये  सच्चाई  है  सच्चाई
अब मान लो सच्चे उनके बोल  इसी में जय तेरी अनमोल।
जय अन्ना अन्ना बोल।
जंग छिड़ी हक और बातिल की   दिल की आंखें खोल।
जय अन्ना अन्ना बोल।

3 comments:

  1. बहुत अच्‍छी पोस्‍ट .. आपके इस पोस्‍ट की चर्चा अन्‍ना हजारे स्‍पेशल इस वार्ता में भी हुई है .. असीम शुभकामनाएं !!

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  2. Laajawaab kamruddin sahab... Badhai...

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