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Monday, December 13, 2010

कुछ शेर

1.      इक चिंगारी से ही आतिश जवाँ हो जाती है।

अमृत की इस बूँद से, ज़िन्दगी रवाँ हो जाती है।

दिल में गर हो जाए, मुहब्बत का ईमाँ पैदा,

कहानी बिन कहे, खुद ही बयाँ हो जाती है।

2.     उनकी शिकायत है कि मैं नशे में हूं

       होश में वो भी नहीं हैं, मानते नहीं।

       एक ही कश्ती पर अब दोनों हैं सवार,

       मैं जो डूबा! क्या उनका होगा, जानते नहीं।

3.     तुम न समझोगे मेरे दिल का मुकाम क्या है,

       बिन पिये क्या जानो मोहब्बत का जाम क्या है!

       सिमट आती है खलक छोटे से आंचल में,

       ये दुनिया व आसमां, सुबहो शाम क्या है!

4-     संगीत तुम्हारी हसरत है मैं दिल के तार बजाता हूँ

अपने अरमानों के मोती से मैं तेरा हार सजाता हूँ

5-     इक इक पल सदियों में बीता उसके इंतजार में

दिल यूँ बेताब था कि न था मेरे इख्तियार में

मचल रहा था तड़प के, अपना हाल सुनाने को

यार मेरा तो खोया था खिलौनों के बाजार में।

6.     उलझे रहते हैं अनसुलझे से सवालों में,

जागते रहते हैं, न जाने किन खयालों में,

सुकून पाते हैं, मेरी बज्म में शामिल होकर

नाम फिर भी लेते हैं मेरा, सताने वालों में।

7-    अब तो नाम भी उनका न लिखता हूँ न पढ़ता हूँ

      कि उनकी याद की शिद्दत को मैं कैसे सँभालूँगा

 

8-    गम न कर जो वे तेरे मीठे प्यार के न आभारी रहे

मोल हीरे का क्या समझें, जो काँच के व्यापारी रहे

 

9-     याद आता है हर पल वो बागबां

खून सींचा है जिसने चमन के लिए

सर झुकाते हैं उनके सम्मान में

जिंदगी जिसने दी है अमन के लिए

 

10-    गम इसका नहीं कि उतारा दिल में खंजर उसने

गम ये है कि बना लिया दिल को पत्थर उसने

दर्द की बेताबी का क्यों होता नहीं असर उस पर

कैसे महसूस किया था खुशियों का सागर उसने

भोर की ठंडी हवाएँ ही न रास आईं उसको

किया था वादा साथ चलने का उम्र भर उसने

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