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Monday, December 13, 2010

तेरा इरादा जवाँ होता है।

सुबह की लाली में फूलों की डाली में

कोयलिया मतवाली में तेरा अक्स बयाँ होता है।

नदियों की कल-कल में, झरनों की छल-छल में

हवाओं की हलचल में तेरा जुनूँ रवाँ होता है।

चाँद के फलक में, सितारों की झलक में

जुगनुओं की चमक में तेरे नूर का समाँ होता है।

मन की लगन में, ऑंखों की तड़पन में,

दिल की चुभन में तेरा इरादा जवाँ होता है।

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