Total Pageviews

Monday, December 13, 2010

तारा कितना उदास है!

       तारा कितना उदास है!       

जगमगाते नीड़ में वह

लगता कितनी भीड़ में वह

पर अकेला जल रहा वह, कौन उसके पास है?

तारा कितना उदास है! 

ज्योत्स्ना का साथ पाया

रात को मधुमय बनाया

इन क्षणों में पा लिया वह, जो न उसके पास है।

तारा कितना उदास है ?

No comments:

Post a Comment